ज़ायरीन के सवाल
सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के छोटे जवाब, पूरी गाइड के लिंक के साथ।
सफ़र से पहले
उमरा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
यह आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर है। रमज़ान में सवाब सबसे ज़्यादा है लेकिन भीड़ बहुत होती है। नवंबर से फ़रवरी तक मौसम ठंडा और भीड़ मध्यम रहती है। जून से अगस्त बहुत गर्मी होती है। हज के आसपास उमरा वीज़ा आमतौर पर कुछ हफ़्तों के लिए बंद रहते हैं।
पढ़ें →क्या टीके लगवाने ज़रूरी हैं?
हाँ। मेनिनजाइटिस (ACWY) का टीका उमरा ज़ायरीन के लिए ज़रूरी है और सफ़र से कम से कम 10 दिन पहले लगवाना चाहिए। बाक़ी शर्तें बदलती रहती हैं, इसलिए बुकिंग से पहले हज और उमरा मंत्रालय या नुसुक वीज़ा पेज देखें। फ़्लू और सामान्य टीके लगवाने की सलाह दी जाती है।
पढ़ें →कितने पैसे साथ ले जाएँ?
अंदाज़न, फ़्लाइट और वीज़ा के अलावा 10 दिन के लिए 7,500–10,000 रियाल रखें: मध्यम होटल, खाना, स्थानीय सफ़र और तोहफ़े। छोटे दुकानदारों के लिए कुछ नक़द रखें; बाक़ी लगभग हर जगह कार्ड चलता है।
पढ़ें →क्या औरतें बिना महरम के उमरा कर सकती हैं?
सऊदी नियमों में अब उमरा वीज़ा या परमिट के लिए औरत के साथ महरम का होना ज़रूरी नहीं। बिना महरम सफ़र के शरई हुक्म पर उलेमा में मतभेद है, इसलिए किसी भरोसेमंद आलिम से पूछें।
पढ़ें →क्या टूरिस्ट वीज़ा पर उमरा हो सकता है?
हाँ। सऊदी टूरिस्ट ई-वीज़ा रखने वाले हज के मौसम के अलावा उमरा कर सकते हैं, ज़रूरत हो तो नुसुक ऐप में परमिट बुक करके।
पढ़ें →उमरा के दौरान
उमरा में कितना समय लगता है?
भीड़ के हिसाब से अरकान में दो से चार घंटे लगते हैं: तवाफ़ 30–60 मिनट, सई 45–90 मिनट, साथ में नमाज़ और बाल कटवाना। ज़्यादातर ज़ायरीन मदीना समेत 7–14 दिन रुकते हैं।
पढ़ें →अगर हज्र-ए-असवद को छू या चूम न सकूँ तो?
जहाँ हैं वहीं से दायाँ हाथ उसकी ओर उठाएँ और “बिस्मिल्लाह, अल्लाहु अकबर” कहें। इतना काफ़ी है। वहाँ पहुँचने के लिए कभी धक्का न दें और किसी को तकलीफ़ न दें।
पढ़ें →क्या एक सफ़र में एक से ज़्यादा उमरे किए जा सकते हैं?
बहुत से ज़ायरीन करते हैं। हरम की हद से बाहर मक्का वालों के सबसे क़रीबी मीक़ात पर जाएँ, आमतौर पर तनईम की मस्जिद-ए-आयशा, दोबारा एहराम बाँधें और लौट आएँ। यह कितनी बार बेहतर है, इस पर उलेमा में मतभेद है।
पढ़ें →अगर नुसुक का समय निकल जाए तो?
नुसुक ऐप में दोबारा बुक करें। लौटाए जाने से बचने के लिए तय समय में पहुँचें, ख़ासकर व्यस्त मौसम में।
पढ़ें →भीड़ में घरवालों से बिछड़ जाएँ तो क्या करें?
तय की गई मिलने की जगह पर जाएँ (कोई नंबर वाला दरवाज़ा चुनें, “क्लॉक टावर” नहीं)। न मिलें तो सुरक्षाकर्मियों या सूचना काउंटर से मदद लें। होटल का नाम और फ़ोन नंबर लिखा हुआ साथ रखें, और अंदर जाने से पहले लाइव लोकेशन शेयर करें।
पढ़ें →व्यावहारिक बातें
क्या वाई-फ़ाई मिलता है, और कौन सा सिम लें?
दोनों मस्जिदों और ज़्यादातर होटलों में मुफ़्त वाई-फ़ाई है। डेटा के लिए एयरपोर्ट पर STC, Mobily या Zain का सिम या ई-सिम लें। पासपोर्ट ज़रूरी है।
वहाँ कौन सी भाषा बोली जाती है?
सरकारी भाषा अरबी है। मस्जिदों, होटलों और दुकानों के आसपास अंग्रेज़ी, उर्दू और इंडोनेशियाई आम तौर पर समझी जाती है, और बोर्ड अरबी और अंग्रेज़ी में हैं।
क्या दवाइयाँ साथ ले जा सकता हूँ?
हाँ। दवाइयाँ असली पैकिंग में डॉक्टर की चिट्ठी या पर्चे के साथ रखें। दूसरे देशों में वैध कुछ दवाइयाँ सऊदी अरब में नियंत्रित हैं, इसलिए उड़ान से पहले जाँच लें।
पढ़ें →क्या औरतों के लिए नमाज़ की जगहें हैं?
हाँ। दोनों मस्जिदों में औरतों के बड़े हिस्से और अलग दरवाज़े हैं, और मदीना में रौज़ा की ज़ियारत के लिए औरतों का अलग समय है।
पढ़ें →कपड़े धोने का क्या इंतज़ाम है?
ज़्यादातर होटल पैसे लेकर लॉन्ड्री सेवा देते हैं, और होटल इलाक़ों में लॉन्ड्री की दुकानें हैं। बहुत से ज़ायरीन एहराम कमरे में ख़ुद धो लेते हैं।
बच्चे और परिवार
क्या बच्चे उमरा कर सकते हैं?
हाँ, किसी भी उम्र में। नाबालिग बच्चे की तरफ़ से वालिद नीयत करते हैं और अरकान में मदद करते हैं।
क्या छोटे बच्चों के साथ उमरा ठीक है?
मुमकिन है लेकिन थका देने वाला। हरम के क़रीब ठहरें, जहाँ इजाज़त हो स्ट्रॉलर इस्तेमाल करें, पानी और नाश्ता साथ रखें, और कम भीड़ का समय चुनें।
पढ़ें →क्या बच्चों को अलग परमिट चाहिए?
हाँ। हर मुसाफ़िर को, चाहे किसी भी उम्र का हो, अपना वीज़ा चाहिए, और नुसुक में परमिट हर व्यक्ति के लिए अलग बुक होते हैं।